देश में आर्थिक तंगी से परेशान लोगों की खुदकुशी के मामले तेज़ी से बढ़ते जा रहे हैं। ताज़ा मामला असम के कोकराझार ज़िले से सामने आया है। यहां कर्ज में डूबे एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने आत्महत्या कर ली। मृतकों में चार महिलाएं शामिल हैं।

घटना की जानकारी पुलिस ने सोमवार को दी। पुलिस अधीक्षक राकेश रौशन ने बताया कि किनिर्मल पॉल, उनकी पत्नी और तीन बेटी ने तुलसीबील स्थित अपने घर में रविवार देर रात फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।

आत्महत्या की वजह कर्ज़ न चुका पाना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस मामले से जुड़े और पहलुओं की जांच कर रही है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में रौशन ने बताया कि परिवार के मुखिया किनिर्मल पॉल ने 25-30 लाख का लोन लिया था और वह अपनी ईएमआई नहीं चुका पा रहा था। जिससे परेशान होकर परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।”

पॉल के परिवार में वह और उसकी बड़ी बेटी ही कमाते थे। पॉल तुलसीबील क्षेत्र में गैस एजेंसी के सब-एजेंट के रूप में काम करता था और उसकी बड़ी बेटी पूजा एक निजी स्कूल में टीचर थी। लेकिन इन दोनों की कमाई से घर का खर्चा नहीं चल पा रहा था, जिसके चलते पॉल को कर्ज़ लेना पड़ा। पॉल की दो बेटियां नेहा और स्नेहा स्कूल में पढ़ रही थीं।

ग़ौरतलब है कि कोरोनाकाल में भारत में तेज़ी से खुदकुशी के मामले बढ़े हैं। एक सर्वे में बताया गया है कि कोरोनाकाल में लगभग 65 प्रतिशत लोगों ने खुदकुशी के बारे में सोचा।

जबकि 71 प्रतिशत लोगों में खुदकुशी की इच्छा बढ़ी हुई मिली। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि कोरोनाकाल में लगे लॉकडाउन ने करोड़ों लोगों का रोज़गार छीन लिया है।

रोज़गार न होने की वजह काफी लोगों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में लोग खुद से मौत को गले लगाने के लिए मजबूर हो गए हैं।

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