मोदी सरकार द्वारा बनवाई गई दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (SoU) के टिकट और पार्किंग से होने वाली कमाई में करीब 5 करोड़ 25 लाख रुपए का घोटाला सामने आया है। नर्मदा ज़िला पुलिस ने इस मामले में प्रबंधन कंपनी के कर्मचारियों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक की वडोदरा शाखा के प्रबंधक ने स्थानीय केवड़िया पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई है।

जिसमें कहा गया है कि SoU के लिए पैसों का कलेक्शन करने वाली कंपनी राइटर बिज़नेस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने बैंक में तकरीबन 5 करोड़ 25 लाख रुपए जमा नहीं करवाए।

बता दें कि SoU के टिकट और पार्किंग से आने वाले पैसों के कलेक्शन की ज़िम्मेदारी HDFC बैंक की है। बैंक ने इस काम के लिए प्राइवेट कंपनी राइटर बिज़नेस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को लगा रखा है। यानी बैंक ने अपना काम राइटर बिज़नेस को आउटसोर्स किया है।

पुलिस ने बैंक की शिकायत पर कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ़ IPC की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

केवड़िया के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) वाणी दुधत का कहना है कि SoU प्रशासन ने बड़ी संख्या में डेली रसीद और ट्रांजेक्शन स्लिप पुलिस को सौंपी है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

SoU के एक अधिकारी ने बताया कि जब कलेक्शन की रसीद और कैश डिपॉज़िट एंट्रीज़ को मिलाया गया तो इसमें गड़बड़ी सामने आई। SoU ने पाया कि राइटर बिजनेस ने बैंक की ओर से जो रसीद उन्हें दी थीं, वो असल डिपॉज़िट एंट्रीज़ से अलग थीं। इसमें 5 करोड़ 25 लाख रुपए का अमाउंट गायब था।

अधिकारी ने कहा कि हालांकि हमारे पास जो रसीद हैं, उनसे ये पता चल रहा है कि HDFC बैंक के एजेंट ने पैसे हैंड ओवर किए थे। एजेंट्स SoU प्रशासन को जो रसीद देते थे, वो HDFC के लेटरहेड पर होती थी।

हमने जब पैसों की गड़बड़ी पाई तो HDFC बैंक को इसके बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने जांच शुरू की।

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