जिस एनसीपी के दम पर BJP ने बहुमत का दावा कर सरकार बनाई, उसके ज़्यादातर विधायक अपने नेता शरद पवार के साथ खड़े हैं। शरद पवार कांग्रेस और शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कर रहे हैं। जिसके बाद बीजेपी के पास बहुमत साबित करने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त के सिवा कोई विकल्प बचता दिखाई नहीं दे रहा।

बीजेपी के नेता नारायण राणे विपक्षियों के हौसले को पस्त करने के लिए खुलेआम ये दावा भी कर रहे हैं कि वह सरकार बनाने के लिए कुछ भी करेंगे। वह साफ़ तौर पर कह रहे हैं कि बाज़ार में बहुत सारे विधायक हैं, जो उनके साथ आने वाले हैं और कुछ आने की फिराक़ में हैं। उन्होंने अपने इस बयान से साबित कर दिया है कि वह सरकार बनाने के लिए कर्नाटक की तर्ज़ पर विधायकों की खरीद-फरोख्त से गुरेज़ नहीं करेंगे।

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कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने भी आरोप लगाए हैं कि बीजेपी उनके नेताओं को तोड़ने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि बीजेपी उनके विधायकों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। जिसके चलते उन्हें होटल में महफूज़ रखा गया है। हासांकि उन्होंने ये दावा भी किया है कि बीजेपी चाहे जितनी कोशिश कर ले लेकिन उनके विधायक टूटने वाले नहीं।

विधायकों की ख़रीद-फरोख्त की इन्हीं कोशिशों पर सुप्रीम कोर्ट की वकील करुणा नंदी ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने इस बात की आशंका जताई है कि कहीं विधायकों को खरीदने के लिए बीजेपी कॉरपोरेट से मिले चंदे का इस्तेमाल तो नहीं कर रही।

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करुणा नंदी ने ट्वीट कर लिखा, “अगर बीजेपी को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए मिले कॉरपोरेट के चंदे का इस्तेमाल विधायकों को खरीदने के लिए किया जा रहा है, तो कुलीन वर्गों द्वारा हमारे देश का अधिग्रहण पूरा हो गया है। यहां सिर्फ जंगल और कोयला नहीं, वोट भी बेचा जा रहा है”।