उत्तर प्रदेश में भीड़ द्वारा अल्पसंख्यकों, दलितों और आदिवासियों को निशाना बनाने का सिलसिला जारी है। अब बाराबंकी में ससुराल जा रहे एक दलित युवक को भीड़ ने चोरी के शक में पेट्रोल डालकर ज़िंदा जला दिया। दलित युवक फिलहाल अस्पताल में ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, देवा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तिंदोला निवासी दलित युवक सुजीत गौतम बीती रात करीब डेढ़ बजे टाई कला गांव में स्थित अपनी ससुराल जा रहा था। राघवपुरवा गांव के बाहर कुत्तों ने उसे दौड़ा लिया। वह भाग कर गांव के अंदर पहुंचा तो गांव वालों ने चोर समझकर उसको पीटना शुरू कर दिया।

इस दौरान पेशे से पेंटर सुजीत ने गांव वालों को अपनी पहचान बतायी मगर भीड़ ने उसे पीटना बंद नहीं किया। गांव वालों ने सुजीत को बिजली के करंट के झटके भी लगाए। पीटने के बाद गांव के चार लोगों ने सुजीत पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। पीड़ित की पत्नी पूनम की तहरीर पर पुलिस ने उमेश यादव, श्रवण यादव समेत चार लोगों पर हत्या की कोशिश और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तारी भी हो गई है।

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