उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के लिए सवाल पूछना व सवाल उठाना अपराध हो गया है। पिछले कई दिनों से यूपी में पत्रकारों पर शारीरिक और मानसिक रूप से ये दबाव बनाया जा रहा है।

तीन पत्रकारों की गिरफ़्तारी का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब शामली में एक पत्रकार को जीआरपी पुलिसवालों ने जमकर पीटा।

दरअसल यूपी के शामली में न्यूज़ 24 की तरफ से रिपोर्टिंग करने गए अमित शर्मा रात को पटरी से उतर गई एक मालगाड़ी की कवरेज के लिए गए थे। जिसके बाद जीआरपी के कर्मचारियों और पुलिस वालों ने पत्रकार को जमकर पीटा।

हालांकि पीटने वाले दोनों पुलिस वालों का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।

पत्रकार का कहना है कि जब मालगाड़ी पटरी से उतरी तो मैं वीडियो बना रहा था उतने में पुलिस वाले आए और उनसे कैमरा छीनने लगे। इस दौरान कैमरा नीचे गिर गया। जब वह कैमरा उठाने के लिए नीचे झुके, तो सादी वर्दी में पुलिसवालों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी और भद्दी गालियां भी दीं।

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पत्रकार ने कहा कि मेरे पास 3 मोबाइल थे जिसमे रिकॉर्डिंग थी अब वो गुम कर दिया गया है। अमित ने कहा कि पुलिस ने उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया और फिर मुंह में पेशाब भी कर दिया।

बाद में दूसरे पत्रकार भी पुलिस थाने पहुंचे। इन पत्रकारों ने गुस्से में कहा कि हम रिपोर्टिंग कर रहे हैं, हमें भी थाने में बंद कर दो। पत्रकार अमित ने बताया कि बीते 11 मई को हमने एक खबर चलाई थी, जिसमें दिखाया गया था कि दिल्ली-सहारनपुर ट्रेन में जीआरपी के लोग कैसे वेंडर्स से हफ्ता लेते हैं। उन्हें इस रिश्वतखोरी से डेढ़ लाख रुपए मिल रहे थे।

इसी के चलते पुलिस वालों ने उसपर निशाना बनाया ये वहीं पर ट्रैक बदलते वक्त मालगाड़ी के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए थे, डिब्बे उतरने के चलते जोर की आवाज भी हुई।

पत्रकार के आरोप पर जीआरपी मुरादाबाद के अधिकारीयों ने बिना देरी किये वीडियो में नज़र आ रहे इंस्पेक्टर राकेश कुमार और कॉन्सटेबल संजय पवार को ससपेंड कर दिया और उन्हें तलब भी किया है।