लोकसभा चुनाव 2019 के बाद आए एग्जिट पोल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी में हलचल तेज हो गई है। यह लोकसभा चुनाव नरेन्द्र मोदी के नाम पर लड़ा गया है।

लेकिन, RSS के महासचिव भैयाजी जोशी ने सोमवार को मोदी से नहीं बल्कि नितिन गडकरी से की मुलाकात की है। तो क्या इस मुलाकात के बाद ये संभव है कि, संघ परिवार में दूसरे नंबर के नेता का गड़करी से मिलना केंद्र की सत्ता में नया संकेत है?

नितिन गड़करी मोदी सरकार के उन मंत्रियों में से एक हैं जिनके मंत्रालय (सड़क एवं परिवहन) ने सबसे अच्छा काम किया है। पिछले दिनों दबे कान ही सही मगर नितिन गड़करी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए उड़ा था। अब 23 मई को परिणाम जो भी आएं। अगर बीजेपी नित NDA की कम सीटें आती हैं तो क्या संघ परिवार नितिन गड़करी का नाम आगे करेगा?

ये अपने आप में ही हैरान करने वाला है कि सभी एग्जिट पोल्स में बीजेपी को बढ़त दी गई है और ये दावा किया गया है कि फिर से मोदी सरकार बनेगी। नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री होंगे।

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लेकिन, बीजेपी को अगर बढ़त मिल रही है वो सरकार बनाने जा रही है, तो फिर भैयाजी जोशी नितिन गड़करी से क्यों मिल रहे हैं? जबकि सभी को पता है कि बीजेपी में RSS के इशारे के बिना एक तिनका भी नहीं हिल सकता।

फिर भैयाजी जोशी ने सबसे पहले नरेन्द्र मोदी से मुलाकात क्यों नहीं की? ऐसे में इस मुलाकात से ये समझा जाए कि संघ परिवार मोदी को पीछे करके अब नागपुर से ताल्लुक रखने वाले नितिन गड़करी का नाम आगे करने वाला है?

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