बिहार में अज्ञात बीमारी के चलते मासूमों की मौत जारी है। मगर बीजेपी नेताओं के बेतुके बयान कम होने का नाम ही नहीं ले रहें है। मुज्जफरपुर सांसद के शर्मनाक बयान के बाद अब BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी ने इस बीमारी को एक साजिश का नाम दे दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत के पीछे लीची नहीं चीन का हाथ हो सकता है।

रूडी पहले केंद्रीय मंत्री भी रह चुके है इस बार उन्हें भले ही मंत्रिमंडल में जगह ना मिली हो। मगर संसद में बैठने का मौका उन्हें मिला है। बिहार के सारण से लोकसभा सांसद रूडी का कहना है कि बिहार में हो रही मौतें चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पूरी ताकत से लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि हम कोशिश कर रहे है आखिर में हम सब राजनेता है और जनप्रतिनिधि भी कोई वैज्ञानिक या डॉक्टर तो नहीं है। हम मृतकों के परिवार के साथ उनके दुःख में शामिल है। इसके बाद रूडी ने अपने बचपन का किस्सा सुनाते हुए इस घटना को साजिश बता दिया।

उन्होंने कहा कि मुझे बचपन से लीची बहुत पसंद है और हर किसी को पसंद होता है। पूरी दुनिया में 40 फीसद लीची में भारत की हिस्सेदारी है, जिसमें ज्यादा प्रतिशत बिहार का ही होता है। उन्होंने कहा कि मैं भी लीची खाता हूँ, मैं कभी बीमार नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कहा कि भारत के बाद सबसे ज्यादा लीची अगर कहीं होती है तो वो चीन है।

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि हजारों करोड़ का लीची आज बंदरगाहों पर रखी हुई है। जो जूस बनता था वह भी लोगो ने पीना छोड़ दिया है। ऐसे में समझना ये ज़रूरी है क्या लीची खाने से बच्चे मरे है या कोई और वजह है, या फिर इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है।

उन्होंने कहा कि बीमारी के डर से लोग अब लीची खाने से और घर में लाने से डर रहें है। उन्होंने कहा कि इंस्फेलाटिस का कारण क्या था ये बच्चे मरे तो क्यों मरे?

मैं चीन पर आरोप नहीं लगा रहा हूँ मगर मुझे आशंका है की कहीं इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है। रूडी ने कहा कि मैं मैं सच तो नहीं जानता मगर इसकी सच्चाई का पता लगाना ज़रूरी है जिससे हमारे किसानों को नुकसान ना हो।