इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने आज (बुधवार) को साधु-संतों को लुभाने के लिए 5 विशिष्ट संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया।

जिन साधुओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है, उनमें नर्मदा घोटाला यात्रा निकालने वाले महामंडलेश्वर कम्प्यूटर बाबा और योगेन्द्र सिंह समेत नर्मदानंद महाराज, हरिहरनंद महाराज और भय्यू महाराज का नाम शामिल है।

चुनाव से ठीक पहले शिवराज सरकार के इस फ़ैसले पर अब सवाल खड़े किए जा रहे हैं। न्यूज़ चैनल ‘आज तक’ ने अपने डीबेट शो हल्ला बोल में इसी मुद्दे को उठाया। शो का आग़ाज़ एंकर अंजना ओम कश्यप ने इसी सवाल के साथ किया कि क्या शिवराज सरकार चुनावों से पहले बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा देकर ‘बाबा पॉलिटिक्स’ तो नहीं कर रही?

एंकर के इसी सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा स्वामी और धर्मगुरुओं ने हमेशा से बिना किसी मोह के समाज की सेवा की है।

स्वामी परमहंस और स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए प्रियंका ने कहा कि इन लोगों ने सरकार से बिना जुड़े समाज सेवा के काम को अंजाम दिया है। लेकिन आज वोटों के लिए संतों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले तक कंप्यूटर बाबा ख़ुद सरकार के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद कर रहे थे। नर्मदा नदी के तटों पर 6 करोड़ पौधे लगाने के शिवराज सरकार के दावों को फर्जी बताकर कम्प्यूटर बाबा सरकार के खिलाफ नर्मदा घोटाला यात्रा निकाल रहे थे। इन्होंने प्रदेश सरकार पर नर्मदा नदी से अवैध रेत खनन करने के आरोप भी लगाए थे।

प्रियंका ने व्यापम घोटाले का ज़िक्र करते हुए कहा कि आप देखिए जो भी सरकार के घोटालों को उजागर करता है उसे या तो मार दिया जाता है या फ़िर लालच देकर ख़रीद लिया जाता है।