pappu yadav
Pappu Yadav

नागरिकता संशोधन कानून के बाद देश में बढ़ रहे विरोध प्रदर्शन और हिंसा को लेकर अब विपक्षी नेता भी इस कानून के खिलाफ सड़क पर उतरने को मजबूर हो चुके है। बता दे की इस नागरिकता कानून का विरोध इसलिए हो रहा है की इस कानून के अंदर धर्म के आधार पर नागरिता दी जाएगी और किसी खास धर्म के समुदाय यानी मुस्लिम लोगों को नागरिकता नहीं दी जाएगी।

दरअसल मोदी सरकार ने इस कानून में बताया है कि भारत के पड़ोसी देश पकिस्तान, अफगानिस्तान, बंगलादेश से आये तमाम धर्मों के शरणार्थियों को भारत नागरिकता देगा सिर्फ मुस्लिम धर्म से संबंध रखने वाले को नागरिकता का अधिकार नहीं दिया जाएगा।

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बता दें कि नेता और तमाम देश की बड़ी यूनिवर्सिटी के छात्र इसका विरोध इसलिए कर रहे है कि यह कानून भारत के संविधान के मूलभूत आधार को खत्म करने के लिए लाया गया है। भारत की छवि पूरी दुनिया में एक धर्मनिरपेक्ष देश के तौर पर है जिसे यह सरकार इस कानून के द्वारा खत्म कर भारत को आरएसएस के विचारों का देश बनाने की कोशिश कर रही है। जहां अल्पसंख्यक दोयम दर्ज़े के नागरिक के तौर पर देखे जायेंगे।

तमाम विपक्षी नेता और समाजिक कार्यकर्ता इस कानून के खिलाफ सड़क पर उतर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बिहार मधेपुरा के पूर्व सांसद और जनाधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव इस नागरिक कानून के खिलाफ लोगों के बीच जा रहे हैं। पप्पू यादव ने कहा, 19 दिसम्बर को उनकी पार्टी इस कानून के खिलाफ बिहार बंद करने का फैसला किया है।

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उन्होंने ट्वीट कर कहा- ”एनआरसी, नागरिकता अधिकार कानून में मुसलमान तो बहाना हैं। गरीब, वंचित दलित का हक-हकूक छीनना असली निशाना हैं। अंबानी-अडानी का दलाली खाना है। अपने देश में ही बंगलादेशी बता आपको संवैधानिक अधिकार से वंचित कर देना असली मकसद है। गरीबों जागो, अंबानी-अडानी के दलालों को भगाओ”।

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