वैसे चुनावी जन सम्पर्क के दौरान बीजेपी के तमाम बड़े-छोटे नेता तरह तरह की पॉलिटिकल एक्टिंग करते रहते हैं, लेकिन वे जनता को थोड़ा भी अहसास नहीं होने देते हैं कि वे जो काम या बात कर रहे हैं, असल में वह एक तरह की एक्टिंग होती है।

लेकिन ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी की ईमानदारी देखिए। उन्होंने मथुरा के एक खेत में किसान परिवार के साथ फसल काटने के काम को एक्टिंग की कला के रुप में स्वीकार कर लिया है।

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एनडीटीवी संवाददाता से बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा है कि खेत में गेहूं काटने का जो काम किया था वह एक्टिंग थी। संवाददाता द्वारा यह पूछे जाने कि कई विरोधी आप पर एक्टिंग करने का आरोप लगा रहे हैं, इस बात पर उन्होंने कहा,

“मै एक सेलिब्रिटी हूं, ऐसा माहौल मुम्बई में नहीं मिलेगा, लेकिन जब मैं गांव-गांव जाती हूं तो ऐसा देखने को मिलता है तो कितना अच्छा लगता है, लेकिन यदि उस गांव के खेत में जाकर फसल काटने का एक्टिंग भी किया है तो बड़ा मजा आया मुझे, इसमें कौस सी बुरी बात है।”

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वैसे बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने ने सत्य बोलने का जो सिलसिला शुरु किया है, यदि बीजेपी के सभी नेता अपने चुनावी भाषणों में एक्टिंग छोड़ सत्य बोलने पर आ जाएं तो उन्हें सूनने के लिए एक भी लोग भले न आएं, लेकिन इससे देश को भरा जरुर हो जाएगा।

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