प्रधानमंत्री मोदी पर बसपा सुप्रीमो मायावती के हमले कम होने का नाम नहीं ले रहें है। कल जहां मायावती ने पीएम मोदी पर निशाना साधा था। वहीं आज एक बार फिर मायावती ने बीजेपी और संघ के रिश्तों को लेकर टिप्पणी की है। मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री जनता की उम्मीदें पूरी नहीं कर पाए इसलिए अब मैदान में उनका संघ भी नहीं दे रहा है।

मायावती ने सोशल मीडिया पर एक बाद एक ट्वीट करते हुए लिखा, मोदी सरकार की नैया डूब रही है, इसका जीता-जागता प्रमाण यह भी है कि आरएसएस ने भी इनका साथ छोड़ दिया है व इनकी घोर वादाखिलाफी के कारण भारी जनविरोध को देखते हुए संघी स्वंयसेवक झोला लेकर चुनाव में कहीं मेहनत करते नहीं नजर आ रहे हैं जिससे श्री मोदी के पसीने छूट रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि जनता को वरगलाने के लिए देश ने अबतक कई नेताओं को सेवक, मुख्यसेवक, चायवाला व चौकीदार आदि के रूप में देखा है। अब देश को संविधान की सही कल्याणकारी मंशा के हिसाब से चलाने वाला शुद्ध पीएम चाहिए। जनता ने ऐसे बहरुपियों से बहुत धोखा खा लिया है अब आगे धोखा खाने वाली नहीं। ऐसा साफ लगता है।

मायावती ने चुनाव के दौरान होने वाले रोड-शो और पूजा पाठ का प्रचार करने पर भी बीजेपी पर निशाना साधा है। रोडशो व जगह-जगह पूजा-पाठ एक नया चुनावी फैशन बन गया है जिसपर भारी खर्चा किया जाता है।

आयोग द्वारा उस खर्चे को प्रत्याशी के खर्च में शामिल करना चाहिये और यदि किसी पार्टी द्वारा उम्मीद्वार के समर्थन में रोडशो आदि किया जाता है तो उसे भी पार्टी के खर्च में शामिल किया जाना चाहिये।

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उन्होंने कहा कि साथ ही किसी भी उम्मीदवार को आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में चुनाव प्रचार पर बैन लगाने के दौरान यदि वह आम स्थान पर मन्दिरों आदि में जाकर पूजा-पाठ आदि करता है व उसे मीडिया में बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जाता है तो उस पर भी रोक लगनी चाहिये। आयोग इसपर भी कुछ कदम जरूर उठाए।

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