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‘मेरे पति को पड़ोसियों द्वारा मारा-पीटा गया। हमें ईसाई होने की वजह से कई दिनों से प्रताड़ित किया जा रहा है। पड़ोसी कहते हैं कि उनके इलाके में किसी ईसाई को नहीं रहने देंगे।’ ये बयान किसी विदेशी महिला का नहीं बल्कि लखनऊ में रहने वाले एक ईसाई दंपति का है। जिनकी बेरहमी से पिटाई कर दी गई।

दरअसल बीते सोमवार को लखनऊ के चिनहट इलाके में दो परिवारों के बीच विवाद सामने आया। इसमें एक परिवार इसाई है और दूसरा ठाकुर बिरादरी से है। नंदी कॉलोनी में रहने वाले दोनों पड़ोसियों के साथ मारपीट की गई। यही नहीं बल्कि इसाई परिवार पर ये दबाव बनाया गया की वो कॉलोनी छोड़ दें।

पीड़िता प्रोमिला पॉल के मुताबिक, कॉलोनी में सिर्फ उनका ही परिवार इसाई है, इस घटना के बाद मुझे मेरे पति और बच्चों की फ़िक्र होने लगी है। हमने पुलिस से कई बार इस बारे में शिकायत की मगर पुलिस ने कोई ठोस एक्शन नहीं लिया।

जिसकी वजह है कि आरोपी के पिता पुलिस में सब इंस्पेक्टर है और वो मुझपर सुलह करने का दबाव बना रहे है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी अशोक के बेटे ने मेरे साथ मारपीट की और मेरे कपड़े भी फाड़ दिए। इस मामले में मुख्य आरोपी शुभम को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आईपीसी की धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

ये घटना राजधानी लखनऊ के चिनहट की है जहां से मुख्यमंत्री आवास कुछ ही किलोमीटर पर है। ऐसे में अगर एक अल्पसंख्यक परिवार ही सुरक्षित नहीं तो बाकी शहरों में रहने वाले अल्पसंख्यक परिवार कैसे सुरक्षित होंगे? ये बड़ा सवाल है। क्योंकि सीएम योगी अपराध मुक्त प्रदेश की बात करते है मगर असल हालात तो अल्पसंख्यकों पर होने हमले बयान कर रहे है।

साभार- न्यूज़ 18 हिंदी 

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