कोरोना महामारी के कारण देश की चरमराई स्वस्थ्य प्रणाली का सच सबके सामने आ चुका है। इसका एक उदाहरण नासिक के ‘डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन अस्पताल’ में साफ़ देखा जा सकता है।

बुधवार को ऑक्सीजन टैंकर लीक होने के बाद अस्पताल में भर्ती 24 लोगों की जान चली गई। इसके आलावा भर्ती हुए मरीज़ों के परिवार वाले मृतकों के पास से ऑक्सीजन सिलिंडर उठाकर अपने परिजनों की जान बचाने की कोशिश करने लगे।

देश में हालात इतने भयावह हो चले हैं कि जो मर गए, उनसे संवेदना जताने का भी समय नहीं रहा, कोशिश की जा रही है कि जो ज़िंदा है कहीं वो भी न मर जाएं।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के अनुसार डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन अस्पताल में 23 वर्षीया विक्की जाधव के घर से भी एक मरीज़ भर्ती थीं। विक्की का कहना है कि उसने लोगों को ऑक्सीजन की कमी से मरे मरीज़ों के बेड से ऑक्सीजन छीनकर अपनों की जान बचने की कोशिश करते देखा।

उसने भी अपनी ग्रैंडमदर, सुगंधा थोराट, के लिए यही किया लेकिन उन्हें बचा न सका। इस अस्पताल में बहुत से मरीज़ वेंटीलेटर पर थे और बिना ऑक्सीजन सप्लाई की जीवित न रह पाते। नतीजा हुआ कि 24 लोगों की मौत हो गयी।

दरअसल, बुधवार को महाराष्ट्र के नासिक में स्थित ‘डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन अस्पताल’ में ऑक्सीजन टैंकरों को भरा जा रहा था। उसी समय एक टैंकर में से ऑक्सीजन लीक हो गया और ऑक्सीजन सप्लाई में 30 मिनट तक रुकावट आ गई।

इसी के चलते अस्पताल के मरीज़ों के लिए ऑक्सीजन की कमी हुई और उनकी मौत हो गई।

टैंकर से गैस लीक होने के बाद आस-पास के इलाके में फैल गई थी। इसके बाद ऑक्सीजन लीक को नियंत्रित करने के लिए मौके पर दमकल की गाड़ियां भी बुलवाई गई थी।

इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कहा, “नासिक के अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक लीक होने से हुआ हादसा बेहद दुखद है। मृतकों के परिजनों के साथ मेरी संवेदनाएँ। ईश्वर सबको इस तरह के हादसों से बचाकर रखें।”

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस घटना पर दुःख जताते हुए कहा,” जब अस्पताल मारने लगे, तो कहने के लिए क्या बचता है?”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “नासिक के एक अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक के रिसाव की वजह से हुआ हादसा दिल दहला देने वाला है। इस दुख की घड़ी में शोक में डूबे परिवारों के प्रति संवेदना।”

हालाँकि, उनकी प्रतिक्रिया इसलिए आई है क्योंकि मामला महाराष्ट्र का है। प्रधानमंत्री उस समय अपनी संवेदना प्रकट नहीं करते जब भाजपा शासित राज्यों में लोग इलाज न मिलने के कारण अपनी जान गंवा देते हैं।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में अस्पतालों के हालत पर कुछ नहीं कहते। और ऐसी विकट परिस्थितयों में तो एक राज्य चुनना भी संवेदनहीनता है।

खैर, कहने को तो नासिक में हुए हादसे में प्रसाशन द्वारा एक गलती हो गई और ऑक्सीजन भरते समय लीक हो गई। लेकिन उसकी कीमत कई लोगों की जान से चुकानी पड़ी।

परिवारों ने अपनों को अपने सामने तड़पते हुए मरते देखा। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण 24 परिवारों ने अपने परिजन को खो दिया।

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