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छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता और विधायक कवासी लखमा ने एक विवादास्पद बयान दिया है जिसके लिए उन्हें चुनाव आयोग ने नोटिस भी जारी किया है। अपनी एक चुनावी रैली के दौरान लखमा ने जनता से कहा कि अगर वो कांग्रेस प्रत्याशी के अलावा किसी दूसरी पार्टी के प्रत्याशी को वोट देंगे तो उन्हें EVM से इलेक्ट्रिक शॉक लग सकता है।

दरअसल, कवासी लखमा छत्तीसगढ़ के कांकेर लोकसभा क्षेत्र के Kewati में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होनें मंच से कहा कि कांग्रेस पार्टी से बीरेश ठाकुर कांकेर सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वोटरों को EVM मशीन पर पहला बटन दबाना चाहिए जिससे उनकी पार्टी के बीरेश ठाकुर को वोट पड़ेगा। अगर वोटरों ने दूसरा या तीसरा बटन दबाया तो उन्हें मशीन से शॉक लग सकता है। लखमा ने तो यहां तक कह दिया कि पहला बटन उन्होनें ठीक करवा दिया है।

चुनाव आयोग ने लखमा को नोटिस जारी करते हुए उनसे 3 दिन के अंदर जवाब मांगा है। कवासी लखमा का बयान यकीनन वोटरों के लिए एक धमकी की तौर पर लिया जाना चाहिए। अगर लखमा ने इलेक्ट्रिक शॉक वाली बात अपने समर्थकों को यूं ही कह भी दी हो, तब भी इससे वोटरों के बीच भ्रम ज़रूर फैलेगा।

कांकेर आदिवासी बाहुल्य सीट है। ऐसे में ये भी हो सकता है कि कवासी लखमा आदिवासियों को EVM मशीन से डराकर अपने पक्ष में वोटिंग करवाना चाह रहें हो।

लखमा का ये कहना कि EVM मशीन का पहला बटन ठीक कर दिया गया है, सवाल खड़े करता है कि क्या कांग्रेस पार्टी भी EVM के साथ फेर-बदल करती है। ऐसा इसलिए क्योंकि जबसे मोदी सरकार आयी है, तब से कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने EVM से कराए जाने वाले चुनावों पर संदेह जताया है।

कांकेर लोक सभा सीट पर कल (18 अप्रैल) होगा चुनाव

आपको बता दें कि दूसरे चरण यानी 18 अप्रैल को कांकेर लोकसभा सीट पर चुनाव होने वाला है। ये सीट अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित है। यानी कि इस सीट से कोई भी पार्टी केवल अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार को टिकट दे सकती है।

साल 2014 में इस सीट पर भाजपा पार्टी से विक्रम देव उसेंडी सांसद बने थे। उन्होनें 465215 वोटों से जीत दर्ज की थी। कांग्रेस नेता फूलोदेवी नेताम 430057 वोटों के साथ दूसरे पायदान पर थीं। इस सीट पर कई सालों से इसी तरह का ट्रेंड देखा जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी के बीच में इस सीट पर कांटे की टक्कर रहती है और दोनों के वोटों में ज़्यादा फर्क नहीं होता।

इस सीट पर कांग्रेस से बीरेश ठाकुर और भाजपा से मोहन मांडवी आमने सामने होने वाले हैं। जब मोहन मांडवी को भाजपा ने टिकट दिया तो उन्होनें राज्य लोकसेवा आयोग (पीएससी) के सदस्य के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। अब देखना ये होगा कि कल जनता बीरेश को वोट देकर चुनाव जीत दिलाती है या फिर दोबारा से भाजपा प्रत्याशी ही इस सीट से सांसद बनेंगे।