पिछले दिनों गृहमंत्री अमित शाह ने लखनऊ पहुंचकर सीएम योगी के कामकाज की तारीफ की थी। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बताया था। उनके बयान के एक दिन बाद ही उन्नाव गैंगरेप पीड़िता का एक्सीडेंट होता है। इसके तीन दिन बाद यूपी के बुलंदशहर में एक गैंगरेप जैसी शर्मनाक घटना को अंजाम दिया जाता है।

दरअसल बुलंदशहर के कोतवाली इलाके में एक घर में लूटपाट के बाद बदमाशों ने परिजनों को पहले बेखौफ तरीके से बंधक बनाया फिर उसके बाद एक महिला के साथ गैंगरेप किया।

पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना को 3 बदमाशों ने अंजाम दिया है। जिन्होंने पहले तो घर लूटा फिर एक महिला के साथ गैंगरेप को अंजाम दिया। जबतक पुलिस घटनास्थल पर फ़ोर्स लेकर पहुँचती तबतक देर हो चुकी थी।

पुलिस के पास सिवाए रपट लिखने के कोई चारा नहीं रह गया था। पुलिस ने लूट और गैंगरेप की धाराओं में तीन बदमाशों पर मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई है। पीड़िता को पुलिस ने मेडिकल परिक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा है। मामले में पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है।

अब सवाल ये उठता है कि जिस प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रदेश को अपराध मुक्त करने की बात करते हो। उसी प्रदेश में आए दिन ऐसी घटना क्यों आम होती जा रही है, यहां तक की बलात्कार और लूट के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे है। इसके बाद भी अगर गृहमंत्री अमित शाह को लगता है की यूपी की कानून व्यवस्था सबसे अच्छी है तो उन्हें इस बारे में सोचना चाहिए।