प्रयागराज से BJP सांसद श्यामाचरण गुप्ता आगामी लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव(Akhilesh Yadav) की समाजवादी पार्टी से लड़ेंगे। श्यामाचरण गुप्ता ने बीजेपी का दामन छोड़ सपा से हाथ मिला लिया है।

सपा ने श्यामाचरण गुप्ता(ShyamaCharan Gupta) को बांदा लोकसभा सीट से टिकट दिया है। जीते हुए प्रत्याशी का पार्टी छोड़ देना BJP के लिए किसी झटके से कम नहीं होगा। हालांकि इस बात की चर्चा भी खूब थी कि बीजेपी श्यामाचरण गुप्ता का टिकट काट सकती थी।

श्यामाचरण गुप्ता ने कहा था कि अगर BJP ने उनका टिकट काटने तो वो बीजेपी को हराने का दम रखते हैं। श्यामाचरण ने अपने बेटे को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ाने की घोषणा कर दी थी।

14 नवंबर को उन्होंने जवाहरलाल नेहरू की तारीफ करते हुए कहा था कि उनकी नीतियों के कारण ही नरेंद्र मोदी भारत के पीएम बन पाए हैं। उन्होंने इलाहाबाद के नाम को प्रयागराज किए जाने पर भी आपत्ति जताई थी और कहा था कि इलाहाबाद नाम के साथ साढ़े चार सौ सालों का इतिहास जुड़ा हुआ है।

ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब श्यामाचरण सपा की तरफ से चुनाव लड़ रहे हैं। साल 1999 में उन्होंने सपा के टिकट से बांदा से ही चुनाव लड़ा था और हार गए थे। हालांकि 2004 में उन्होंने बांदा सीट पर अपनी जीत दर्ज कराई थी।

श्यामाचरण ने साल 2009 में सपा की तरफ से फूलपुर से चुनाव लड़ा मगर इस बार उन्हें दोबारा हार मिली। 2014 चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी बदलने का फैसला लिया और बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने अलाहबाद (अब प्रयागराज) सीट से बीजेपी को चुनाव जितवाया।

ऐसा माना जा रहा है की श्यामाचरण गुप्ता 2019 लोकसभा चुनाव में एक मज़बूत दावेदार हैं। बीजेपी छोड़कर सपा में दोबारा आना, सपा और बसपा के गठबंधन के लिए जीत की आशंकाओं को बढ़ा देता है। कुछ दिनों पहले बीजेपी की बागी सांसद सावित्री बाई फुले ने भी पार्टी को छोड़ दिया था। अब वो कांग्रेस के टिकट पर बहराइच से चुनावी अखाड़े में उतरेंगी।

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