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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जो कल तक नाम से लेकर बीफ तक बैन कर रहे थे। अब खुद बैन हो चुके है मगर राजनेताओं को पता होता है कि उन्हें सुर्ख़ियों में कैसे बने रहना है। इसी सिलसिले में सीएम योगी आज हनुमान मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने पूजा-पाठ की। मगर बैन लगने के कारण सिर्फ तस्वीरों और वीडियो में आ सके कुछ बोलते तो उनपर आयोग एक्शन ले लेता।

दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आचार संहिता उल्लंघन मामले में चुनाव आयोग की लगाई रोक का ‘तोड़’ निकाल लिया है। वो मंगलवार की सुबह लखनऊ के हनुमान सेतू मंदिर में पूजा करते नज़र आए आसपास कैमरा लोग मीडिया पत्रकार सब मौजूद थे।

मीडिया ने भी इस ख़बर को खूब दिखाया मगर विपक्षी नेता इस चुनावी स्टंट से खुश नहीं हुए। आम विधायक अलका लम्भा ने सोशल मीडिया पर सीएम योगी के मंदिर जाने को लेकर चलाई जा रही खबरों पर निशाना साधा है।

अलका ने लिखा- मुख्यमंत्री ने कोई महत्वपूर्ण फाइल पास की, जनता के हित में कोई फ़ैसला लिया, ख़बर बने तो समझ आता है, मुख्यमंत्री ने हनुमान मंदिर में जाकर पूजा की, योगी से जैसे नेताओं से जनता उम्मीद भी क्या की जा सकती हैं, जो अली-बली का झगड़ा करवाने ही मंदिर जाते हैं।

बता दें कि बीते 9 अप्रैल को मेरठ की रैली में ‘अली’ और ‘बजरंगबली’ की टिप्पणी की थी। सीएम योगी ने कहा था अगर कांग्रेस, सपा और बसपा को भरोसा ‘अली’ में है तो हम लोगों की आस्था बजरंगबली में है। इसपर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की चिट्टी लिख अपनी शिकायत की थी इसके बाद आयोग ने सीएम योगी 72 घंटे के लिए बैन कर दिया था।